साइबर पुसिस, की बड़ी कार्रवाई…49 लाख की धोखाधड़ी में 3 आरोपी नोयडा से गिरफ्तार…रजनेश ने दिया सम्पत्ति राजसात का आदेश

आरोपियों ने फर्जी काल सेन्टर बनाकर दिया ठगी को अंजाम

बिलासपुर—थाना रेंज सायबर और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने ऑनलाइन फायनेंसियल ठगी मामले मे अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। सायबर ठगी करने वाले तीन अंतर्राज्यीय शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने लैप्स इंश्योरेंस पॉलिसी का जमा पैसा वापस दिलाने के नाम पर आरोपियों ने 48,42,075/- रूपयों की ठगी को अंजाम दिया है। मामला थाना कोतवाली सारंगढ़-बिलाईगढ़ क्षेत्र से है। पुलिस ने आरोपियों की सम्पत्ति को बीएनएस की धारा 107 के तहत् जब्त कर लिया है।
पकड़े गए आरोपियों का नाम पता ठिकाना
1) कुलदीप पिता स्व. मदनपाल सिंह निवासी सदरपुर कॉलोनी, सोम बाजार के पास सेक्टर 39 नोएडा उत्तरप्रदेश।
2) नितेश  कुमार पिता जगदिशचंद निवासी सदरपुर कॉलोनी सेक्टर 45, सोमबाजार थाना सेक्टर 39 नोएडा गौतमबुद्ध नगर।
3)  शैलेष कुमार मिश्रा पिता मनोरम मिश्रा निवासी संगम विहार, थाना संगम विहार जिला दक्षिण दिल्ली ।
आरोपियों से बरामद सामान
पुलिस के अनुसार आरोपियों से एटीएम कार्ड, पासबुक, मोबाईल फोन, ठगी के हिसाब-किताब की डायरी, आधार कार्ड, चेकबुक जब्त किया गया है।
49 लाख की ठगी को अंजाम
 पुलिस के अनुसार सारंगढ निवासी सुभाष चंद्र गुरू ने बताया कि 2022 से 2024 तक 8381815808, 9540918473 और 9118428483, 7970882319, 9289771925 से अलग-अलग समय में कॉल आया। कालर ने बताया कि लेप्स रिलायंस इंश्योरेंस पॉलिसी का जमा पैसा वापस दिलाने का झांसा दिया। आरोपी ने झांसा देकर कुल 48,42,075 रूपयों की ठगी को अंजाम दिया है। पीड़ित की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ थाना कोतवाली सारंगढ जिला सारंगढ़़ में अपराध दर्ज किया गया।
 मामले में पुलिस महानिरीक्षक डॉ.संजीव शुक्ला के निर्देश को मामले को विवेचना में लिया गया। इस दौरान पीड़ित के बैंक खाता संबंधित स्टेटमेंट और सायबर अपराध पोर्टल में दर्ज रिपोर्ट का एटीआर खंगाला गया। साथ ही मोबाईल धारकों का पता लगाया गया। संयुक्त टीम ने इस दौरान ठगी में उपयोग किये बैंक खातों को चिन्हांकित किया। खाता धारकों की जानकारी, ऑनलाईन ट्रांजेक्शन और घटना से संबधित तकनीकी जानकारी को हासिल किया।
दिल्ली से तीन आरोपी गिरफ्तार
रजनेश सिंह ने बताया कि छानबीन के दौरान जानकारी मिली कि आरोपी दिल्ली, उत्तर प्रदेश प्रांत के विभिन्न शहर के रहने वाले है। आरोपियों की पतासाजी कर गिरफ्तार करने विशेष टीम को दिल्ली और उत्तर प्रदेश के लिए रवाना किया गया। लगातार पांच दिनों की पतासाजी के बाद खाता धारक कुलदीप को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि अपने साथी नितेश कुमार ,शैलेष मिश्रा, मनीष मिश्रा और हिमांशु समेत अन्य के साथ मिलकर लोगो को लेप्स इंश्योरेंस पॉलिसी का जमा पैसा और अन्य प्रकार के निवेश में फंसा पैसा वापस दिलाने का झांसा देकर ठगी को अंजाम दिया करते हैं। फिर रकम को अपने खाते में जमा करवाते है।
फर्जी खाता एटीएम,सिम बरामद
आरोपियो ने पूछताछ में बताया कि कॉल सेंटर से मोबाईल नंबर डाटा की जानकारी खरीदते थे। फिर शैलेष मिश्रा. उसके भाई मनीष मिश्रा समेत उसके साथी अपना खुद का फर्जी कॉल सेंटर खोलकर फर्जी बैंक खाता खुलवाकर एटीएम कार्ड और रजिस्टर्ड मोबाईल नम्बर प्राप्त कर विभिन्न लोगो के नाम से फर्जी सिम कार्ड खरीदकर ठगी की रकम  बैंक खाताओं में जमा करवाया जाता था। फर्जी सिम और एटीएम के माध्यम से ठगी की रकम का आहरण किया जाता था।
   ठगी की रकम से बरामद समप्ति राजसात
         पुलिस कप्तान रजनेश सिंह ने बताया कि आरोपियों को गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमाण्ड पर बिलासपुर लाया गया है, आरोपियों से पूछताछ कर उनके द्वारा ठगी से प्राप्त रकम के निवेश के संबंध में जानकारी ली गई है। रकम से बनायी गई संपत्ति को जप्त करने की कार्यवाही की जा रही है। आरोपियों को जो माननीय न्यायालय बिलासपुर प्रस्तुत कर न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेजा गया है।
अधिकारियों का विशेष योगदान
कार्यवाही में अतिरिक्त पुलिस कप्तान राजेन्द्र जायसवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनुज गुप्ता, सीएसपी कोतवाली अक्षय प्रमोद सबाद्रा  के मार्गदर्शन तथा प्रभारी रेंज सायबर थाना बिलासपुर निरीक्षक राजेष मिश्रा, दामोदर मिश्रा, उप निरीक्षक अजय वारे, सहायक उप निरीक्षक सुरेश पाठक, प्रधान आरक्षक विक्कू सिंह ठाकुर, आरक्षक चिरंजीव कुमार, दीपक कौषिक का विशेष योगदान रहा।
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Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।वर्तमान में CGWALL में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।

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